Microsoft CEO Satya Nadella named chairman of the board read success story varpat – News18 हिंदी

नई दिल्ली. सत्या नडेला को भला कौन नहीं जानता. मेहनत के दम पर आज सत्या नडेला माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ से चेयरमैन बन गए. भारतीय मूल के सत्या नडेला (Satya Nadella) को माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने एक बड़ा प्रमोशन दिया है. माइक्रोसॉफट कॉर्प (Microsoft Corp) ने 16 जून को CEO सत्या नडेला (Satya Nadella) को बतौर चेयरमैन नियुक्त किया है. नडेला को साल 2014 में माइक्रोसॉफ्ट का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Chief Executive Officer) बनाया गया था, उन्होंने स्टीव बाल्मर (Steve Ballmer) की जगह ली थी. अब नडेला जॉन थॉम्पसन (John Thompson) की जगह लेंगे. थॉम्पसन अब प्रमुख इंडीपेन्डेंट डायरेक्टर (lead independent director) रहेंगे. आइए जानते हैं सत्या नडेला की सफलता की कहानी…

हैदराबाद में की पढ़ाई
सफलता कैसे पाई जाती है उसकी मिसाल हैं सत्य नडेला. नडेला का जन्म हैदराबाद में हुआ था. उनके पिता एक प्रशासनिक अधिकारी और मां संस्कृत की लेक्चरर थीं. मनिपाल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग पूरा करने के बाद नडेला 1988 में अमेरिका चले गए थें. वहां अपनी उच्च शिक्षा पूरा करने के बाद वह माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ गए, तबसे वह माइक्रोसॉफ्ट से ही जुड़े हुए हैं.

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करियर में कैसे बढ़ें आगे
भारत में स्थित इंजीनियरिंग के सबसे प्रतिष्ठित इंस्टिट्यूट मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद, वह संयुक्त राज्य अमेरिका स्थानांतरित हो गए और वहां उच्च शिक्षा प्राप्त की. यहां उन्होंने विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय और बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस जैसे सम्मानित संस्थानों में अध्ययन किया. IT दिग्गज नडेला का जीवन माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ने के बाद पूरी तरह से बदल गया.

कैसे बने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ
नडेला उन कुछ कर्मचारियों में से एक थे जिन्होंने फर्म को क्लाउड कंप्यूटिंग के विकास का सुझाव दिया था. आखिरकार कंपनी ने अपने समय और संसाधनों को इस प्रौद्योगिकी के लिए समर्पित किया. सत्या को बाद में डेवलपमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई, जो ऑनलाइन सर्विस डिवीजन से संबंधित था और उसे उसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया था. वह 2007 में इस विभाग में शामिल हुए और अगले चार वर्षों तक इसका हिस्सा बने रहे. नडेला तब माइक्रोसॉफ्ट के सिस्टम और टूल डिवीजन में चले गए और उन्हें इसका अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया. सत्या को माइक्रोसॉफ्ट का हिस्सा होने के लिए 7.9 मिलियन डॉलर्स मूल्य के शेयर दिए गए और साथ ही हर वर्ष 700000 डॉलर का वेतन भी मिलता है. 22 वर्ष की अवधि के लिए फर्म में काम करने के बाद, नडेला को 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के पद पर पदोन्नत किया गया था. 2017 में, सत्य नडेला अपनी पुस्तक हिट रिफ्रेश के साथ आए. पुस्तक में उनके जीवन, माइक्रोसॉफ्ट और कैसे प्रौद्योगिकी दुनिया बदल रही है के बारे में बात की गयी है.

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व्यक्तिगत जीवन
सत्या की शादी अनुपमा से 1992 में हुई, जो उनके पिता के दोस्त की बेटी थीं. दंपति बाद में तीन बच्चों के माता-पिता बने, जिसमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. वर्तमान में यह परिवार वाशिंगटन के बेलेव्यू में रहता है. अपने खाली समय में नडेला कविता पढ़ना पसंद करते हैं. वह वास्तव में क्रिकेट के भी शौकीन हैं और खेल को उनकी नेतृत्व क्षमता के पीछे के कारणों में से एक मानते हैं.

सत्य नडेला के कुछ राज़
सत्या नडेला क्रिकेट के बहुत बड़े प्रशंसक है और अपने दैनिक जीवन में खेल से प्रेरणा लेते है. वह एक फिटनेस उत्साही हैं और दौड़ने का शौक रखते हैं.उन्हें मीठा खाने का शौक है और पेस्ट्री से उन्हें बहुत प्यार है. वह खुद को आजीवन सीखने वाला कहते है और अपने खाली समय में ऑनलाइन कक्षाएं लेते हैं. उन्हें खाली समय में कविता पढ़ना पसंद है और कविता की तुलना कोडिंग से करते हैं.

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सत्या नडेला सक्सेज का मंत्र (Satya Ndella Success mantra)
अपनी सक्सेज का मंत्र वो कुछ कर गुजरने की भूख को बताते हैं. वे कहते हैं, जो लोग मुझे जानते हैं वे कहते हैं कि मेरी पहचान मेरी जिज्ञासा और सीखने की ललक है.मैं जितनी किताबें पढ़ सकता हूं उससे कहीं ज्यादा किताबें खरीदता हूं.जिज्ञासा और ज्ञान की भूख ही मुझे परिभाषित करती है.

Tags: Business news in hindi, Microsoft

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